मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति ने प्रम्बानन मंदिर पुनरुद्धार परियोजना का शुभारंभ किया
राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाया जाए खास तौर पर लक्ष्मी एलो घरे' जैसी योजनाओं को प्रचारित करने पर जोर दिया गया
कोलकाता। तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने शनिवार को पार्टी संगठन को नई धार देने के उद्देश्य से लगभग 1 लाख कार्यकर्ताओं के साथ एक व्यापक वर्चुअल बैठक की। इस बैठक को आगामी चुनावी लड़ाई के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। बैठक में अभिषेक बनर्जी ने संगठन, चुनाव आयोग, मतदाता सूची, एसआईआर, केंद्र की राजनीति और राज्य सरकार की योजनाओं हर मुद्दे पर पार्टी की स्पष्ट लाइन सामने रखी।बैठक की शुरुआत में ही अभिषेक ने साफ शब्दों में कहा कि अब पार्टी को फुल टाइम फील्ड मोड में जाना होगा। उन्होंने निर्देश दिया कि तृणमूल कांग्रेस के सांसद सप्ताह में केवल दो दिन संसद में रहें और बाकी समय अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों में रहकर जनता के काम करें।उनका कहना था कि सांसदों की जवाबदेही सिर्फ संसद तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता से सीधा संवाद और जमीनी मौजूदगी ज्यादा जरूरी है।
अभिषेक बनर्जी ने बैठक में कहा कि फॉर्म 7 के जरिए मतदाता सूची से नाम काटने की भाजपा की साजिश को तृणमूल कांग्रेस ने समय रहते रोक दिया।उन्होंने दावा किया कि पार्टी के दबाव और हस्तक्षेप की वजह से चुनाव आयोग अपनी मनमानी नहीं चला पाया। अभिषेक ने कार्यकर्ताओं से कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए इस तरह की हर साजिश का संगठित और कानूनी जवाब दिया जाएगा। बैठक का सबसे भावनात्मक हिस्सा तब आया जब अभिषेक बनर्जी ने एसआईआर के मुद्दे पर बात की। उन्होंने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के चलते 125 लोगों की मौत होना बेहद दुखद और निंदनीय है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर चुनावी प्रक्रियाओं की कीमत आम लोगों की जान है, तो ऐसे सिस्टम पर सवाल उठना लाजिमी है।अभिषेक ने साफ कहा कि यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है, आगे और लड़ाई लडऩी होगी।बैठक में वरिष्ठ नेता सुब्रत बख्शी ने अभिषेक बनर्जी की भूमिका की जमकर सराहना की।
उन्होंने कहा कि लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी के मुद्दे को जिस तार्किक और कानूनी तरीके से अभिषेक ने उठाया, उसी वजह से सुप्रीम कोर्ट को भी अपने फैसले में तृणमूल की दलीलों को स्वीकार करना पड़ा।
यह टिप्पणी बैठक में मौजूद कार्यकर्ताओं के लिए एक बड़ा मनोबल बढ़ाने वाला संदेश माना गया।अभिषेक बनर्जी ने पार्टी के महिला मोर्चा को आगामी दिनों के लिए खास जिम्मेदारी सौंपी।
उन्होंने निर्देश दिया कि हर वार्ड में पाड़ा संगलापÓ आयोजित किया जाए।
राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाया जाए खास तौर पर लक्ष्मी एलो घरे' जैसी योजनाओं को प्रचारित करने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि महिला मोर्चा को लोगों को यह बताना होगा कि राज्य सरकार लगातार जमीन पर काम कर रही है।बैठक में अभिषेक बनर्जी ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी फिर से गरीबों और जरूरतमंदों को घर आवंटित करेंगी। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि इस फैसले की जानकारी समय रहते जनता तक पहुंचाई जाए ताकि भाजपा द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम और दुष्प्रचार का जवाब दिया जा सके। अभिषेक बनर्जी ने बताया कि तृणमूल कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल अगले दिन कोलकाता स्थित चुनाव आयोग से मुलाकात करेगा।इसके साथ ही उन्होंने ऐलान किया कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस के मौके पर एसआईआर के खिलाफ ब्लॉक और टाउन स्तर पर 'धिक्कार' और 'प्रतिवाद सभाएं' आयोजित की जाएंगी।बैठक में एक और चौंकाने वाला आरोप लगाते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि माइक्रो ऑब्जर्वर, जिला चुनाव अधिकारियों डीईओ से लॉगिन क्रेडेंशियल मांग रहे हैं।अभिषेक ने साफ कहा कि तृणमूल कांग्रेस इस पूरे मामले को कानूनी तौर पर चुनौती देगी। संगठन, आंदोलन और सरकार तीनों साथ करीब डेढ़ घंटे चली इस वर्चुअल बैठक में अभिषेक बनर्जी ने कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संदेश दिया कि अब संगठन, आंदोलन और सरकार तीनों को एक साथ आगे बढ़ाना होगा।